हमें भाषणों से नहीं, नतीजों से परखिए।
प्रगति शक्ति एक राजनीतिक संगठन है जिसका एक ही नियम है: हर वादे के साथ एक संख्या, एक समय-सीमा और एक ज़िम्मेदार व्यक्ति होगा — और आप उसे कभी भी जाँच सकते हैं।
प्रगति शक्ति सत्ता में नहीं है। यह साइट दिखाती है कि चुने जाने पर हम कैसे शासन करेंगे — इसमें हमारे नीति-प्रस्ताव और शासन-मॉडल के उदाहरण हैं। जो कुछ “नमूना” (simulated) लिखा है, वह प्रदर्शन है, किया गया काम नहीं।
सब कुछ नहीं। सात काम, ठीक से।
- 01
स्वास्थ्य
हर किसी को जल्दी और अच्छा इलाज मिले, बिना कर्ज़ में डूबे।
- 02
शिक्षा और कौशल
हर बच्चा सचमुच पढ़ना, गिनना और सोचना सीखे — और हर युवा को काम मिले।
- 03
जलवायु, ऊर्जा और पानी
साँस लेने लायक हवा, पीने लायक पानी, और बिजली जो जाती न हो।
- 04
कृषि और खाद्य व्यवस्था
किसान ज़्यादा कमाएँ, कम बर्बाद हो, और फसल बिगड़ने पर सुरक्षा मिले।
- 05
तकनीक और डिजिटल राज्य
सरकार एक अच्छे ऐप की तरह चले: एक बार बताइए, जल्दी काम हो, और पता रहे किसने क्या किया।
- 06
रक्षा और रणनीतिक सुरक्षा
ऐसा देश जो अपने बनाए साधनों से अपनी रक्षा करे, और सेवा करने वालों का ख़्याल रखे।
- 07
अर्थव्यवस्था, रोज़गार और कर
ज़्यादा अच्छी नौकरियाँ, व्यापार शुरू करना आसान, और कर सरल व न्यायपूर्ण।
हर एक का दस साल का लक्ष्य, सालाना निशाना और सार्वजनिक स्कोरकार्ड है। सातों देखिए →
हम यह नहीं पूछते कि आप कौन हैं। हम पूछते हैं कि आप कैसे हैं।
ज़्यादातर राजनीति आपके धर्म, जाति, क्षेत्र या नेता से शुरू होती है। हमें लगता है यह शुरुआत ही ग़लत है। ये वे सवाल हैं जो हमारे लिए मायने रखते हैं — और जिन पर हम ख़ुद को मापते हैं।
हमारी राजनीति क्या नहीं चलाएगी →- क्या आप स्वस्थ हैं?
- क्या आपके बच्चे सीख रहे हैं?
- क्या आपको ढंग का काम मिल रहा है?
- क्या आपकी हवा साफ़ है?
- क्या आपको भरोसेमंद पानी मिलता है?
- क्या आपको भरोसेमंद बिजली मिलती है?
- क्या किसान टिकाऊ ढंग से आमदनी बढ़ा सकते हैं?
- क्या कारोबार बढ़ सकते हैं?
- क्या भारत दुनिया से मुक़ाबले की तकनीक बना सकता है?
- क्या देश सुरक्षित है?
- क्या सरकार वही देती है जिसका वादा किया था?
कम वादे। हर चीज़ की नाप। जो न चले, उसे सुधारो।
- 1
असली समस्या ढूँढो
टीवी पर सबसे ज़ोर से नहीं — जो सबूत बताएँ कि लोगों को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुँचा रही है।
- 2
पहले छोटे में आज़माओ
पूरे देश का पैसा लगाने से पहले कुछ ज़िलों में हल को परखो।
- 3
ईमानदारी से नापो
आँकड़े अच्छे हों या बुरे, प्रकाशित करो। बताओ ज़िम्मेदार कौन है।
- 4
जो न चले, उसे रोको
कुछ असफल हो तो सार्वजनिक रूप से कहो और रास्ता बदलो। यह कमज़ोरी नहीं, यही काम है।
विस्तार चाहिए? हम कैसे शासन करेंगे · जो काम नहीं आया · नमूना सरकारी वर्क बोर्ड
हर बड़े काम के लिए जो हम कहेंगे, आप देख सकेंगे:
- हम ठीक-ठीक क्या करेंगे
- यह क्यों ज़रूरी है
- ज़िम्मेदार कौन है
- कितना ख़र्च होगा और कौन देगा
- कब तक पूरा होगा
- हमें कैसे पता चलेगा कि काम हुआ
- न हुआ तो हम क्या करेंगे
हमें समस्या बताइए। सबूत भेजिए। किसी नीति पर बहस कीजिए।
न लाइक, न वोटिंग मुक़ाबला। एक व्यक्ति का अच्छा सबूत नीति बदल सकता है; हज़ार ग़ुस्से भरे पोस्ट नहीं।
यह अंग्रेज़ी साइट का हिंदी संस्करण है; विस्तृत पन्ने अभी अंग्रेज़ी में हैं।